After planting

यदि आप अच्छी तरह से पौधों को पानी देते हैं तो आने वाले सालों में पौधा पूर्ण से स्थापित होकर पानी की कम मात्रा में भी अच्छी तरह फल फूल सकते हैं।

Watering methods

पौधे लगाना आसान होता हैं, लेकिन उनको समय-समय पर पानी देना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं, इसलिए हम आपको कुछ टिप्स बताएँगे, जिससे आपको मालूम पड़े कि अपने लगाए पौधे को कब पानी देना हैं और कब नहीं –
पेड़ लगाकर, पौधे की जड़ को मिट्टी से ढक उसको पानी दे।
पेड़ लगाने के दो सप्ताह के बाद, मौसम के अनुसार पानी दें, यदि बारिश का मौसम हैं तो बार-बार पानी न दें।

इसके अलावा और कई महत्वपूर्ण बिंदु भी हैं जैसे कि:
पौधे लगाने के पहले महीने में आपको गर्म व ठंडे मौसम के अनुसार पौधों को पानी देने की आवृत्ति को बढ़ा सकते हैं।

आने वाले महीने में यदि पौधों में सूखने के लक्षण उत्पन्न होते हैं या मिट्टी की ऊपरी सतह से दो या तीन इंच नीचे मिट्टी शुष्क हैं, तब पानी देना आवश्यक हैं।

दूसरे साल में पौधे के जड़ तंत्र विकसित हो जाते हैं, फिर सप्ताह में एक या दो बार पानी दें। यदि आप अच्छी तरह से पौधे को पानी देते हैं तो आने वाले सालों में पौधा पूर्ण रूप से स्थापित होकर पानी की कम मात्रा में भी अच्छी तरह फल फूल सकता हैं।

अगर आपने ऐसी पादप प्रजाति का चयन किया हैं जिसके लिए पानी सीमान्तकारी कारक की तरह काम कर रहा हे, उस परिस्थिति में आप सही मात्रा एवं अंतराल में पानी दे कर पादप की वृद्धि को नियमित रख सकते हैं। यदि आप सीमान्तकारी कारकों के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हे तो इस लिंक पर क्लिक कीजिये।

Before planting

क्या आपके साथ कभी ऐसा होता हैं कि आप काम शुरू करते हैं, और फिर रुक कर सोचते हैं कि आएगी कैसे बढूं ? मेरे साथ तो ऐसा काफी बार होता हैं।

Digging pits

मेरे साथ ऐसा बहुत होता हैं – मैं काम शुरू करती हूँ, रुक कर सोचना पड़ता हैं कि आगे कैसे बढूं। हो सकता हैं कि आपके साथ भी ऐसा हुआ हो कि पौधे लगाने से पहले यह सोचना पड़ा हो कि पौधे लगाने के लिये गड्ढे की खुदाई कैसे करें, या गड्ढे की चौड़ाई या गहराई क्या होनी चाहिये।

मत सोचिये,हम आपके ऐसे सवाल के जवाब देने वाले हैं।
जी हाँ, किसी आम पौधे के लिए जो लम्बाई में एक से दो फुट का हो उसको लगाने के लिए चुनी गई भूमि को अच्छे से साफ़ करें। फिर 30cm*30cm चौड़ाई और 30cm गहराई का गड्ढा खोदना होता हैं और यह भी देखना होगा कि मिट्टी और उर्वरक को भरने के बाद पौधे की जड़े मुड़े नहीं।इसके अतिरिक्त अब आपको यह भी सोचना होगा कि प्रत्येक पौधे के बीच का फासला कैसा हो कि दोनों पौधे अपने पूर्ण प्राकृतिक रूप में स्थापित हो पाये।

During planting

क्या आपने अभी नया-नया पौधा लगाया हैं? उसे पानी देना न भूले !
पौधे का रोपण:

पौधे को रोपने से पहले कुछ चीजों पर विचार करना व पेड़ की लम्बाई-चौढ़ाई का ज्ञान होना चाहिये। इसकी जानकारी से हम गड्ढे की गहराई, मिट्टी की मात्रा, आदि का अन्दाज़ लगा सकतें हैं।

आगे बताये सुझाव, ३०-४५ cm पौधे के लिये उपर्युक्त है। अगर आपका पौधा, इससे बड़ा है, आप proportion मे, सब बढ़ा सकतें हैं।

30 सेमी X 30 सेमी लम्बाई, चौड़ाई एवं 30 सेमी गहराई का गड्ढा खोदे
सावधानी रखते हुए पॉलीथिन को हटाए जिससे पौधा के आस पास की मिट्टी बनी रहे। यह बहुत आवश्यक है, मिट्टी में मिश्रित किटांडू पौधे को बड़े होने में बहुत मद्द करतें हैं।
पौधे को लंबवत स्थिति में गड्ढे में रखें। रखते समय यह ध्यान रखें कि जहाँ पौधे की जड़ व तना मिलतें हैं, वह हिस्सा, गढ्ढे के ऊपरी हिस्से से मिलता हुआ हो।

पौधे के जड़ों वाले सम्पूर्ण भाग को गड्ढे के अंदर रखें।
पौधे को एक हाथ से पकड़े और दूसरे हाथ से मिट्टी और उसी मात्रा में उर्वरक को गड्ढे के तल तक डालें। मिट्टी, पौधे का तना जहाँ शुरू होता है, उसके थोड़ा ऊपर तक भरें,
पौधे के रोपण के बाद पैर की सहायता से मिट्टी और उर्वरक के मिश्रण को दबाए और गड्ढे के आस पास घेरा (मेड़) भी बनाए।
पौधे को पानी दें।