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10 लाख वृक्ष कार्यक्रम उदयपुर के लोगों द्वारा उदयपुर के लोगों के लिए चलाया जाने वाला कार्यक्रम है। क्या इस कार्यक्रम में उदयपुर के सभी लोगों की भागीदारी है और इस कार्यक्रम से सबसे पहले उदयपुर का कौनसा हिस्सा जुड़ा? चलिए इसका जवाब खोजने का प्रयास करते है।

उदयपुर को अलग अलग प्रकार के समूहों में बांटा हुआ है जिसमें से सभी समूह से कुछ लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हुए है। लेकिन क्या आपको पता है इस कार्यक्रम से सबसे पहले कौनसा समूह है जो प्रभावित हुआ।

उदयपुर में स्थित यहां के स्थायी उद्योगों को सर्वप्रथम 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम की सुचना पहुंचाई गयी। 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम की राह मुश्किल दिखाई दे रही थी लेकिन इन लोगों के विश्वास और उनके प्रयासों ने इसकी राह को आसान बना दिया। इन्होने 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम से जुड़ने का निश्चय किया और जंगल में आकर 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम के अंतर्गत दिए हुए पौधे को अपने कर्मचारियों को साथ लेकर उधोग में पौधरोपण कर इस कार्यक्रम की नींव रखी।
गत वर्ष 12 उद्योगों ने मिलकर 296 पौधों का रोपण किया।

Community

किसी भी आव्हान (शुभ संकल्प या कार्यक्रम) के पूरा होने में लोगो का उससे जुड़ाव महसूस करना अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।10 लाख वृक्ष कार्यक्रम उदयपुर के लोगों का, उदयपुर के लोगों के लिए चलाया जाने वाला कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम ने जितना भी सफर तय किया हैं, वह हमारे अपने समाज के लोगो के जुड़ाव और भागीदारिता के कारण ही मुमकिन हो पाया हैं। और आगे भी यही भागीदारी इस संकल्प को आगे बढ़ायेगी।

इस कार्यक्रम में लोगों ने सन्देश वाहक की भी भूमिका निभाई हैं। जो जानकारी सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित थी उसे उदयपुर के कोने-कोने में पहुँचाया हैं। उदयपुर में यह लेहेर लाने के लिए लोगों और सामाजिक समूहों ने पौधों का रोपण कर वृक्ष में बदलने तक देखभाल करने का निश्चय किया।

कृष्णा कल्याण संस्थान ने 550 पौधे लगाने के बाद उनसे जुड़े लोगों, ग्राम पंचायतों को जागरूक कर नरेगा मजदूरों की मदद से पौधारोपण किया। वहीं दूसरी तरफ सुधिपम फॉउण्डेशन और परमार्थ मेमोरियल ट्रस्ट ने बैंक परिसर, विद्यालय, आर्मी क्षेत्र में वहाँ रहने वाले लोगों से 183 पौधों का रोपण करवाया। उदयपुर को पहले से ही हरा बनाने के कार्य में कार्यरत इंडीजीनस संस्थान द्वारा गोद लिए पार्क में 202 पौधों का रोपण किया।
बस इतना ही नहीं 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने अपने परिवार, मित्र, समुदाय आदि को साथ में लेकर उनसे भी पौधारोपण करवाया और उन्हें बताया की सिर्फ पौधे लगाने से ही हमारी जिम्मेदारी पुरी नहीं होती उनकी देखरेख कर वृक्ष में बदलना जरूरी है।

Educational institutes

हमारा कार्यक्रम 10 लाख वृक्ष अपनी प्रारंभिक स्थिति में था और जन सामान्य तक पहुँचने की कोशिश कर रहा था। देश जब वैश्विक महामारी से गुजर रहा था तब शिक्षकों का विचार बच्चो के भविष्य के संरक्षण की ओर गया। उसी विचार में था एक प्रश्न। क्या हम उदयपुर के पर्यावरण को संजोये बिना बच्चो के भविष्य को सन्जो सकते हैं? यह वही समय था जब लोग 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम के बारे में जानने लगे थे।
जब कार्यक्रम के विषय में जानकारी समर्पित शिक्षकों तक पहुँची तब उन्होंने कार्यक्रम से जुड़कर ना ही केवल पौधे लगाए पर उनकी देखभाल का निश्चय भी लिया। अब वह उनकी देखभाल करके उदयपुर के प्रति अपनी अहम ज़िम्मेदारी को पूरा कर रहे हैं।
इस समय विद्यालयों और महाविद्यालयों ने अपने परिसर में 1979 पौधे लगाये और उनकी देखभाल कर रहे हैं ।

Government

10 लाख वृक्ष कार्यक्रम के सफल कदमों को बनाये रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वन विभाग तथा उनके कर्मचारियों द्वारा निभाई गई । उन्होंने समय-समय पर पौधों की स्थानीय प्रजातियों को उपलब्ध करा कर 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम की गति को बनाये रखा।
प्रशासन की ओर से पहल UIT ने चित्रकूट नगर में स्थित अठत्तर एकड़ ज़मीन एक जंगली पार्क बनाने के लिए प्रदान करके की। इसे सकारात्मक गति प्रदान करने की दिशा में नगर निगम उदयपुर भी प्रयासरत रही। नगर निगम के संरक्षण में जो भी उद्यान है, वे उन्होंने आस-पास के लोगों को गोद दिए। उन लोगों से चर्चा कर सभी समितियों ने 15 अगस्त को एक साथ वृक्षारोपण करने का निर्णय किया और 400 पौधे लगा कर अभियान की शुरुआत की।
उसके पश्चात नगर निगम ने शेष 7200 पौधे उद्यान समितियों को उपलब्ध कराये और अभियान को गतिशीलता प्रदान करने का प्रयास किया। वहीं दूसरी ओर रीको ने अपनी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदुषण को कम करने वाले कनेर, करंज, नीम आदि जैसे 8284 पौधों का रोपण किया और उनकी देखभाल करने का जिम्मा भी उठाया।

Media

१० लाख वृक्ष में जब वृक्षारोपण का कार्य प्रारम्भ हुआ, अधिकांश जन पौधे लगाने में लगे हुए थे। समुदाय के कुछ लोग पौधे नहीं लगा रहे थे लेकिन फिर भी वे 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम में अपना योगदान दें रहे थे। आप सोच रहे होंगे की 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम में पौधे लगाए बिना कैसे मदद की जा सकती है?

जन सामान्य को कार्यक्रम के बारे में पता हो, उन तक यह जानकारी पहुंचे व इस कार्य की ओर उनका मानस बढ़े, अपने आप में बड़ा काम था। हमारी मीडिया टीम यही काम कर रही थी (और आज भी कर रही है) व 10 लाख वृक्ष कार्यक्रम में स्वयंसेवक की भूमिका निभा रहा है। यह काम उदयपुर के संचार माध्यमों ने भी किया। यें वे लोग है जिन्होंने उदयपुर के लोगों द्वारा किया गया काम, संचार के माध्यम से उदयपुर के कोने-कोने तक पहुँचाया।

Radio City 91.9 FM, Udaipur Times और संचार माध्यमों को 10 लाख वृक्ष टीम की ओर से धन्यवाद।